भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार आज एक ऐसे मोड़ पर आकर खड़ा है जहां उपभोक्ताओं की जरूरतों को प्राथमिकता दी जा रही है। एक तरफ इलेक्ट्रॉनिक गाड़ियों का क्रेज़ बढ़ता जा रहा है तो दूसरी ओर ग्राहक अभी इसकी रेंज, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और कीमत को लेकर आशंका में है। इसी बीच Toyota ने भारतीय मार्केट के लिए एक रणनीति भरा कदम उठाया है और Toyota लाने वाली है hybrid strategy वाली दमदार गाड़ी।
Toyota hybrid strategy की यह हाइब्रिड टेक्नोलॉजी की रणनीति बेहद ही खास है क्योंकि टोयोटा शुरुआत से ही हाइब्रिड सेक्टर को लीड कर रही है। Toyota के Prius से लेकर Camry और अब Urban Cruiser Hyryder जैसे विभिन्न मॉडल से टोयोटा ने दिखाया है की हाइब्रिड इंजन केवल फ्यूचर का नहीं बल्कि वर्तमान का भी समाधान है क्योंकि Toyota जानती है कि एक ओर जहां पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ रही है वही EV चार्जिंग नेटवर्क की सीमाएं अब भी देश में व्याप्त हैं। और इसी के चलते हाइब्रिड कार भारत के ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं।
Toyota Hybrid Strategy की खास बात क्या है?
हाइब्रिड स्ट्रेटेजी :
Toyota Hybrid Strategy की सबसे खास बात यह है कि यह केवल एक ही विकल्प पर निर्भर नहीं करती। यह कार EV मोड पर भी चल सकती है जहां इंजन और मोटर का मिला-जुला आउटपुट माइलेज को बढ़ा देता है। और इस पूरे क्रम में पेट्रोल की कीमत 40% तक कम हो जाती है। टोयोटा ने अपना यह विकल्प शहर की ट्रैफिक को ध्यान में रखकर तैयार किया है।
EV चार्जिंग के झंझट से आज़ादी:
Toyota की गाड़ियों में EV मोड उपलब्ध है परंतु इसकी सबसे खास बातें है कि इन्हें बाहर से चार्ज नहीं करना पड़ता। यह सेल्फ चार्जिंग टेक्नोलॉजी से तैयार की जा रही है और इन गाड़ियों को सीमित चार्जिंग स्टेशन और लंबे चार्जिंग के समय की समस्या से दो-चार नहीं होना पड़ता। बल्कि EV की चाहत रखने वाले परंतु रिस्क लेने से डरने वाले लोगों के लिए हाइब्रिड टेक्नोलॉजी परफेक्ट सॉल्यूशन है।
बेहतर माइलेज:
टोयोटा की गाड़ियां जैसे की Hyryder और Hycross 25 से 27 kmpl का माइलेज देती है। मतलब इसका माइलेज काफी बेहतर है। हालांकि इसकी रनिंग कॉस्ट EV जितनी कम नहीं है परंतु पेट्रोल कार की तुलना में काफी फायदेमंद है।
लंबी दूरी के लिए बेहतर विकल्प:
जैसा कि हमने बताया EV गाड़ियों के लिए अभी भी रास्तों पर EV चार्जिंग स्टेशंस की सुविधा पर्याप्त रूप से उपलब्ध नहीं है। चार्ज करने के लिए लंबा समय खर्च हो जाता है। हाइब्रिड का सबसे बड़ा फायदा यही है कि यहां लगातार बैटरी को पावर सप्लाई मिलता है साथ ही पेट्रोल, टैंक उपलब्ध है। झटपट रिफिल कर गाड़ी को लंबी दूरी में भी चलाया जा सकता है। मतलब यह फ्रिक्वेंट ट्रेवलर्स के लिए काफी फायदेमंद है।
कम पॉल्यूशन और कम मेंटेनेंस:
Toyota की हाइब्रिड कारें पेट्रोल और डीजल की कारों के मुकाबले 40% तक कम कार्बन निकालती हैं और इसमें बैटरी और EV को भी सपोर्ट मिलता है जिससे इंजन पर लोड भी कम पड़ता है, लंबे समय तक मेंटेनेंस का कोई झंझट नहीं आता उल्टा इंजन की लाइफ़ बढ़ती जाती है।
Fuel Efficient Car का ट्रेंड:
हाइब्रिड स्ट्रेटजी की वजह से EV मार्केट को प्रभावित हो रहे हैं क्योंकि भारत के ग्राहक अभी भी EV अपनाने से कतरा रहे हैं जिसकी वजह से आने वाले समय में अन्य ऑटोमोबाइल ब्रांड भी हाइब्रिड सेक्टर में उतरने वाली है और आने वाले समय में भारत में फ्यूल एफिशिएंसी का ट्रेंड बढ़ जाएगा।
कीमत की स्ट्रेटजी:
Toyota को पता है कि भारत के ग्राहक वैल्यू फॉर मनी कारों की तलाश करते हैं इसीलिए Toyota स्ट्रांग हाइब्रिड मॉडल (Toyota Pricing Strategy) बाज़ारो में लाने की तैयारी कर रही है। टोयोटा ने मारुति के साथ पार्टनरशिप और लोकलाइजेशन बढ़ाने का निर्णय लिया है जिसकी वजह से EV की जगह हाइब्रिड टेक्नोलॉजी अपनाते हुए ज्यादा से ज्यादा लोगों तक यह गाड़ियां पहुंचाई जाएंगी जो एक तरफ पॉल्यूशन को कंट्रोल करेंगी वहीं दूसरी तरफ ग्राहकों की जेब के लिए भी फायदेमंद होंगी।
Toyota की हाइब्रिड स्ट्रेटजी:
Hybrid Engine Strategy आने वाले समय में बहुत बड़ा बदलाव लेकर आने वाली है क्योंकि EV अभी भी प्रेक्टिकल विकल्प नहीं बना है और हाइब्रिड कार के मार्केट में आने वाले समय में दमदार कंपटीशन दिखाई देने वाला है। ऐसे में टोयोटा इस सेक्टर का लीडर बन रही है और ICE से EV के बीच एक सुरक्षित पुल का निर्माण कर रही है।
निष्कर्ष
टोयोटा की हाइब्रिड स्ट्रेटजी निश्चित ही भारत में बड़ा बदलाव लाने वाली है, क्योंकि अभी EV पूरी तरह से प्रैक्टिकल सॉल्यूशन नहीं है। ऐसे में आने वाले समय में हाइब्रिड कारों के उपभोक्ता निश्चित ही टोयोटा कि इस हाइब्रिड टेक्नोलॉजी की तरफ आकर्षित होंगे और आने वाले 2-3 सालों में भारत के ऑटोमोबाइल उद्योगों में भी हाइब्रिड कार का शेयर तेजी से बढ़ेगा।
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