Maruti Suzuki Ciaz भारत की एक लोकप्रिय सेडान रही है। जाने कितने वर्षों से यह शहरों और हाईवे पर अपनी उपस्थिति दर्ज करवाती आई है। सबसे खास बात Maruti Ciaz कम मेंटेनेंस और बेहतर माइलेज चाहने वाले ग्राहकों के बीच जबरदस्त लोकप्रियता हासिल कर चुकी है। परंतु हाल ही में Maruti Suzuki Ciaz इतनी सारी खूबियां होने के बावजूद भी सवालों के घेरे में आ गई है। जी हां, माइलेज में दमदार इस गाड़ी का जब Global Ncap ने Crash Safety Test लिया तब इसका ने इतना बुरा परफॉर्म किया कि इसे केवल 1 स्टार रेटिंग दी गई।
दिसंबर 2025 में Global NCAP ने Maruti Ciaz का क्रैश टेस्ट किया। इस क्रैश टेस्ट में एडल्ट ऑक्युपेंट प्रोटक्शन ओर चाइल्ड ऑक्युपेंट प्रोटेक्शन जैसे अलग-अलग क्राइटेरिया में मारुति सुजुकी सियाज को परखा गया, जिससे यह पता चला कि यह गाड़ी सड़क दुर्घटनाओं में कार के अंदर बैठे बच्चों और वयस्कों को ज्यादा सुरक्षा नहीं दे पाती। हालांकि बच्चों के लिए यह कार फिर भी सुरक्षित है परंतु गाड़ी में बैठे वयस्कों और ड्राइवर की सुरक्षा के लिए इस गाड़ी में कुछ भी खास नहीं। जिसकी वजह से Global NCAP ने इसे क्रैश टेस्ट में केवल 1 स्टार रेटिंग दी है।
आइये लिए सबसे पहले जानते हैं कि Maruti Ciaz में सुरक्षा से जुड़े कौन-कौन से फीचर मौजूद है?
Maruti Suzuki Ciaz में कुछ बुनियादी और कुछ महत्वपूर्ण सुरक्षा फीचर्स उपलब्ध है जैसे कि:
- Dual Front Airbag: जो ड्राइवर और सामने वाले पैसेंजर की सुरक्षा करते हैं।
- Suzuki TECT Body Structure: हाई टेंसाइल स्टील से बनी इसकी बॉडी जो क्रैश के दौरान गाड़ी को प्रोटेक्ट रखती है।
- Braking And Stability: एंटीलॉक ब्रेकिंग सिस्टम (ABS), इलेक्ट्रॉनिक ब्रेकफोर्स डिस्ट्रीब्यूशन (EBD) इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल(ESC)
- Child Safety and Seatbelt: ISOFIX चाइल्ड सीट माउंटेन और सीट बेल्ट रिमाइंडर
- अन्य फीचर्स: Rear Parking Sensor, Hill Hold Assist, Rear View Camera, High Speed Alerts
Maruti Suzuki Ciaz का Global NCAP Crash Test एनालिसिस
Maruti Ciaz को जब ग्लोबल NCAP क्रैश टेस्ट से गुजरना पड़ा तो इसके परिणाम कुछ इस प्रकार रहे
Adult Occupant Protection: Maruti Ciaz को एडल्ट ऑक्यूपेंट प्रोटेक्शन के नजरिए से केवल 1 star रेटिंग दी गई। क्योंकि जब फ्रंटल क्रैश टेस्ट किया गया तब ड्राइवर और सामने वाले यात्री के सिर और गर्दन को तो सुरक्षा मिल गई लेकिन चेस्ट वाले हिस्से पर गाड़ी सुरक्षा नहीं दे पाई। इसके साथ ही पैरों वाले हिस्से में भी डमीस को चोट लगी। और गाड़ी के ढांचे पूरी तरह से अनस्टेबल हो गए। जिससे पता चलता है कि यदि फ्रंटल क्रैश हुआ तो गाड़ी सामने बैठे पैसेंजर और ड्राइवर को ज्यादा सुरक्षा नहीं दे पाएगी। साथ ही गाड़ी में साइड एयर बैग है ही नहीं ऐसे में साइट पोल टेस्ट के मामले में भी इस गाड़ी को 0 मिला।
Child Occupant Protection: जब इस गाड़ी का चाइल्ड ऑक्युपेंट प्रोटेक्शन क्रैश टेस्ट किया गया तब इसे 3 Star रेटिंग मिली। मतलब यह गाड़ी एडल्ट की तुलना में बच्चों को ज्यादा प्रोटेक्शन देती है। इस गाड़ी में 18 महीने से 3 साल के बच्चों के लिए ISOFIX चाइल्ड सीट की सुविधा मौजूद है। जिससे गाड़ी में बैठे बच्चे एक्सीडेंट के दौरान सुरक्षित रहते हैं। हालांकि सभी सीटों पर 3 पॉइंट सीट बेल्ट नहीं है और एयरबैग डिस्कनेक्ट करने का विकल्प भी नहीं है। जिसकी वजह से गाड़ी में बैठे पैसेंजर को कई चुनौतियों का सामना भी करना पड़ता है।
Maruti Suzuki Ciaz में सुरक्षा से जुड़ी कौन सी कमजोरी देखी गई?
- गाड़ी में केवल दो फ्रंट एयर बैग्स है जबकि बाकी कारो में 6 एयरबैग मिलते हैं।
- साइड और कर्टन एयरबैग नहीं मौजूद है जिससे साइड इंपैक्ट क्रैश में सेफ्टी नहीं मिल पाती।
- सीट बेल्ट में 3 पॉइंट सीट बेल्ट कवरेज नहीं मिलती।
- इस गाड़ी में बैठे बच्चे और वयस्कों को एक्सीडेंट के दौरान खतरा बना रहता है।
- वही गाड़ी की बॉडी भी एक्सीडेंट के दौरान स्टेबल नहीं रह पाती।
- काफी खतरनाक क्रैश हुआ तो गाड़ी अंदर बैठे पैसेंजर को प्रोटेक्ट नहीं कर पाएगी।
- इस गाड़ी में ऑटोनॉमस इमरजेंसी ब्रेकिंग, लेन एसिस्ट, ब्लाइंड स्पॉट डिटेक्शन जैसे एडवांस सेफ्टी सिस्टम मौजूद नहीं है जिसकी वजह से दुर्घटना से पहले कोई बचाव नहीं होता।
- वही बच्चों की रियर फेसिंग सीट यदि आप सामने लगाना चाहे तो एयरबैग को ऑफ करने का स्विच नहीं है।
निष्कर्ष

कुल मिलाकर Maruti Suzuki Ciaz जैसी दमदार सेडान गाड़ी जिसमें भारत की सड़कों पर ग्राहकों को दमदार माइलेज दिया है, अब उसी गाड़ी की परफॉर्मेंस पर सवाल खड़े होने लगे हैं। क्योंकि ग्लोबल NCAP टेस्ट में इस गाड़ी को केवल 1 STAR सुरक्षा रेटिंग मिली है। जो कि उपभोक्ताओं के लिए चेतावनी है।
खासकर ऐसे उपभोक्ता जो परिवार के साथ ट्रैवल करना पसंद करते हैं और जिनके घरों में छोटे बच्चे हैं। यह खराब रेटिंग स्पष्ट रूप से संकेत देती है कि सिर्फ ब्रांड और सुविधाओं को देखकर गाड़ी खरीदना पर्याप्त नहीं होता, अब सुरक्षा को प्राथमिकता देना भी खरीदारों के लिए जरूरी है।
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