Maruti Celerio Global NCAP Crash Test :  मारुति सेलेरियो माइलेज में आगे पर सेफ्टी में रह गई पीछे!!!

Maruti Celerio Global NCAP

भारत में हैचबैक सेगमेंट हमेशा से ही पहली बार कार खरीदने वालों के बीच लोकप्रिय रहा है। क्योंकि इसके दाम काफी किफायती होते हैं और माइलेज भरोसेमंद होता है। इसीलिए कई लोग अपनी पहली कार के रूप में हैचबैक को ही चुनते हैं। इसी क्रम में Maruti Celerio भी अब तक एक जाना माना नाम रहा है, जिसे भारतीय बाजारों में सालों से पसन्द किया जाता रहा है। लेकिन हाल ही में Maruti Celerio की सेफ्टी पर सवाल उठ खड़े हुए हैं। जी हां Maruti Suzuki Celerio को Global NCAP  Crash Test में केवल 3 स्टार रेटिंग मिली है जो कि इसकी सुरक्षा पर सवाल उठाती है।

Global NCAP मतलब ग्लोबल न्यू कार असेसमेंट प्रोग्राम एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है, जो कारों के एक्चुअल क्रैश टेस्ट पर सुरक्षा रेटिंग प्रदान करता है। इस टेस्ट के अंतर्गत प्रत्येक कार को एक क्राइटेरिया के अंतर्गत परखा जाता है जिसमें यह सुनिश्चित किया जाता है कि यदि कार किसी को टक्कर मारती है, या कार का एक्सीडेंट होता है तो कार के अंदर बैठे हुए यात्री और बाहर के यात्रियों को कितना नुकसान होगा ? और इसी के आधार पर कार को रेटिंग दी जाती है जिससे पता चलता है कि कार कितनी सुरक्षित है?

चलिए सबसे पहले समझते हैं Maruti Celerio के सेफ्टी फीचर क्या हैं?

Maruti Celerio में नवीनतम सेफ्टी फीचर्स डाले गए हैं:

  •  6 एयरबैग 
  • इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल 
  • 3 पॉइंट सीट बेल्ट और रिमाइंडर 
  • ISOFIX चाइल्ड सीट माउंट
  •  ABS + EBD
  •  रियर पार्किंग सेंसर

हालांकि यह सारे फीचर सुरक्षा के लिहाज से बहुत ज्यादा जरूरी होते हैं। और टेस्ट में इन फीचर्स का प्रभाव भी दिखा। परंतु कार की बॉडी स्ट्रक्चर और सुरक्षा पहलुओं के कमजोर प्रदर्शन की वजह से ही Maruti Celerio को कम रेटिंग मिली और ग्लोबल NCAP टेस्ट में पाया गया कि इतने सारे सुरक्षा फीचर्स होने के बावजूद भी यह गाड़ी एडल्ट ऑक्युपेंट प्रोटेक्शन और चाइल्ड डॉक्यूमेंट प्रोटेक्शन में ज्यादा बेहतर परफॉर्म नहीं कर पाती है।

आईए जानते हैं Maruti Suzuki Celerio के ग्लोबल NCAP रेटिंग का संपूर्ण एनालिसिस

Adult occupant protection:  Maruti Suzuki Celerio को जब एडल्ट पैसेंजर प्रोटेक्शन के क्राइटेरिया पर परखा गया तो इसे केवल 3 स्टार मिले। इस गाड़ी के क्रैश टेस्ट में पाया गया कि क्रैश के दौरान गाड़ी में बैठे ड्राइवर का सिर और गर्दन सुरक्षित रहे, लेकिन चेस्ट प्रोटेक्शन पूरी तरह से नहीं मिल पाया। इसके अलावा गाड़ी में बैठे अन्य पैसेंजर्स को भी कोई ज्यादा सुरक्षा नहीं मिली और बॉडी शेल्ड की मजबूती भी सीमित रही जिसकी वजह से इसकी सुरक्षा रेटिंग गिर गई।

Child occupant protection: गाड़ी को जब बाल सुरक्षा के नजरिए से परखा गया, तब देखा गया कि इसमें केवल 2 स्टार लेने की क्षमता थी। क्योंकि गाड़ी में जब 18 महीने से 3 साल के डैमेज को बिठाकर क्रैश टेस्ट किया गया तो कार कुछ ज्यादा सेफ्टी नहीं दिखा पाई। बल्कि इसका उल्टा हुआ। गाड़ी में आगे बैठे बच्चे के सिर को बिल्कुल भी सुरक्षा नहीं मिली। इसके अलावा गाड़ी की बनावट भी ऐसी है कि ना ही एयरबैग सुरक्षा दे पाए और ना ही फ्रंट सीट पर चाइल्ड सीट लगाने की कोई सुविधा मौजूद है। इसी वजह से चाइल्ड ऑक्यूपाइड प्रोटेक्शन टेस्ट में भी इस गाड़ी को 2 स्टार ही मिले।

Maruti Suzuki Celerio Safety Rating क्यों कम है?

Maruti Celerio

 Maruti Suzuki Celerio की रेटिंग कम होने के कई कारण यह रहे:

  • जब गाड़ी को सामने से क्रैश किया गया तब देखा गया कि सेलेरियो की बॉडी संरचना दुर्घटना की स्थिति में लोड को अच्छी तरह से संभाल नहीं पाती।
  •  सामने के क्रैश के दौरान ड्राइवर और सामने बैठे बच्चे को न बॉडी प्रोटेक्शन मिलता है और ना ही सिर सुरक्षित रह पाता है।
  • वही जब चाइल्ड सीट इंस्टॉलेशन करने की बात आती है तो फ्रंट एयर बैग बंद करने का विकल्प न होने की वजह से सामने की सीट पर चाइल्ड सीट इंस्टॉल करना नामुमकिन हो जाता है।

निष्कर्ष

Maruti Celerio

कुल मिलाकर Global NCAP क्रैश टेस्ट में मारुति सुजुकी को 3 स्टार मिले हैं। 3 स्टार रेटिंग यह तय करती है कि यह कार एक हद तक पैसेंजर को सुरक्षा ज़रूर प्रदान करती है लेकिन सेफ्टी के नजरिए से यह कार बेस्ट कर नहीं है। खासकर ऐसे यात्री जो परिवार के साथ यात्रा करते हैं और अपने बच्चों के लिए सुरक्षित विकल्प ढूंढ रहे हैं उन्हें इस गाड़ी को खरीदने से पहले सेफ्टी फीचर्स पर विचार करना आवश्यक है।

हालांकि इस पूरी प्रक्रिया में Maruti Suzuki कम्पनी को भी ध्यान रखना होगा कि वह इस टेस्ट के बाद गाड़ी में आवश्यकता के अनुसार बदलाव करें, जिससे टेस्ट रेटिंग में बेहतर परफॉर्म किया जा सके, जो न केवल ड्राइवर बल्कि अंदर बैठे पैसेंजर को भी दुर्घटना के समय गंभीर चोटों से बचाए।

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